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श्री काशी विश्वनाथ आरती
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श्री काशी विश्वनाथ आरती

अविमुक्त क्षेत्र काशी के अधिपति देवाधिदेव श्री काशी विश्वनाथ महादेव की पावन आरती।

गीत / Lyrics

॥ श्री Lord Shiva नमः ॥
काशी विश्वनाथ गंगे, हर हर महादेव शम्भो। त्रिशूल डमरू धारी, मस्तक चंद्र विराजे॥ आनंद कानन के राजा, विश्वेश्वर जग त्राता। तारक मंत्र सुनावें, मुक्ति मोक्ष के दाता॥ मणिकर्णिका के स्वामी, अन्नपूर्णा के ईशा। जो जन शरण में आवे, पूरण करे जगदीशा॥ आरती विश्वनाथ की, जो जन नित्य उतारे। काशी वास मिले प्रभु, भव सागर से तारे॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ

काशी विश्वनाथ आरती से जीवन के सभी बंधन और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।

विस्तृत सामग्री

काशी विश्वनाथ गंगे, हर हर महादेव शम्भो। त्रिशूल डमरू धारी, मस्तक चंद्र विराजे॥ आनंद कानन के राजा, विश्वेश्वर जग त्राता। तारक मंत्र सुनावें, मुक्ति मोक्ष के दाता॥ मणिकर्णिका के स्वामी, अन्नपूर्णा के ईशा। जो जन शरण में आवे, पूरण करे जगदीशा॥ आरती विश्वनाथ की, जो जन नित्य उतारे। काशी वास मिले प्रभु, भव सागर से तारे॥
HINDI Evening Aarti Lord Shiva 05:20
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