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दीपावली लक्ष्मी-गणेश पूजन कथा
समुद्र मंथन से माँ लक्ष्मी के प्राकट्य एवं श्रीराम के अयोध्या आगमन की पावन दीपोत्सव कथा।
गीत / Lyrics
॥ श्री Goddess Lakshmi नमः ॥
कार्तिक मास की अमावस्या की गहन अंधियारी रात में दीपावली का महापर्व दीपोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पावन रात्रि में समुद्र मंथन से जगत जननी माँ महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था।
जब दुर्वासा ऋषि के श्राप से इंद्रदेव और स्वर्गलोक श्रीहीन (दरिद्र) हो गए, तो देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया। मंथन से कामधेनु, ऐरावत, कल्पवृक्ष के पश्चात श्वेत कमल पर विराजित माँ लक्ष्मी प्रकट हुईं। समस्त देवताओं ने माँ का स्तवन किया और माँ लक्ष्मी ने भगवान श्रीहरि विष्णु के वक्षस्थल पर वरमाला डालकर उन्हें अपना पति स्वीकार किया, जिससे तीनों लोकों में पुनः वैभव और प्रकाश लौट आया।
इसी रात्रि को भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंकापति रावण का वध करके अयोध्या धाम लौटे थे, जिनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया था। दीपावली पर माँ लक्ष्मी के साथ बुद्धिदाता श्री गणेश की पूजा अनिवार्य रूप से की जाती है, क्योंकि बिना बुद्धि के प्राप्त धन अनिष्टकारी हो सकता है।
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
घर में स्थिर लक्ष्मी, बुद्धि, ऐश्वर्य और अंधकार पर प्रकाश की शाश्वत विजय।
विस्तृत सामग्री
कार्तिक मास की अमावस्या की गहन अंधियारी रात में दीपावली का महापर्व दीपोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पावन रात्रि में समुद्र मंथन से जगत जननी माँ महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था।
जब दुर्वासा ऋषि के श्राप से इंद्रदेव और स्वर्गलोक श्रीहीन (दरिद्र) हो गए, तो देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया। मंथन से कामधेनु, ऐरावत, कल्पवृक्ष के पश्चात श्वेत कमल पर विराजित माँ लक्ष्मी प्रकट हुईं। समस्त देवताओं ने माँ का स्तवन किया और माँ लक्ष्मी ने भगवान श्रीहरि विष्णु के वक्षस्थल पर वरमाला डालकर उन्हें अपना पति स्वीकार किया, जिससे तीनों लोकों में पुनः वैभव और प्रकाश लौट आया।
इसी रात्रि को भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंकापति रावण का वध करके अयोध्या धाम लौटे थे, जिनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया था। दीपावली पर माँ लक्ष्मी के साथ बुद्धिदाता श्री गणेश की पूजा अनिवार्य रूप से की जाती है, क्योंकि बिना बुद्धि के प्राप्त धन अनिष्टकारी हो सकता है।
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