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श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग आरती
प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव की पावन संध्या आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Lord Shiva नमः ॥
सौराष्ट्र देशे विशदेऽतिरम्ये, ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं, तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये॥
जय सोमनाथ देवा, प्रभु जय सोमनाथ देवा।
प्रथम ज्योतिर्लिंग स्वामी, सुर मुनि सेवत मेवा॥
समुद्र तट पर सोहे, स्वर्ण मन्दिर धाम।
दर्शन मात्र से पावे, मन वांछित विश्राम॥
आरती जो नर गावे, सोमनाथ पद पावे।
चंद्रमा के शाप छुड़ाया, सकल क्लेश मिटावे॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
मानसिक शांति, रोगमुक्ति तथा भगवान शिव की नित्य कृपा की प्राप्ति होती है।
विस्तृत सामग्री
सौराष्ट्र देशे विशदेऽतिरम्ये, ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं, तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये॥
जय सोमनाथ देवा, प्रभु जय सोमनाथ देवा।
प्रथम ज्योतिर्लिंग स्वामी, सुर मुनि सेवत मेवा॥
समुद्र तट पर सोहे, स्वर्ण मन्दिर धाम।
दर्शन मात्र से पावे, मन वांछित विश्राम॥
आरती जो नर गावे, सोमनाथ पद पावे।
चंद्रमा के शाप छुड़ाया, सकल क्लेश मिटावे॥
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