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श्री तिरुपति बालाजी आरती
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अधिपति भगवान वेंकटेश्वर बालाजी की मंगल आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Lord Balaji नमः ॥
शेष शैल निकेतन, वेङ्कटेशाय मंगलम्।
पद्मावती समेताय, श्रीनिवासाय मंगलम्॥
शंख चक्र गदा पद्म, शोभित चतुर्भुजम्।
कौस्तुभ मणि दीप्त कण्ठं, कमलाक्षं नमाम्यहम्॥
आरती श्री बालाजी की, तिरुपति के नाथ की।
जो जन गावै प्रेम से, कृपा होय वैकुंठ की॥
करोड़ों भक्त आवें, शीश नवावें द्वार पे।
पाप ताप सब मिट जावैं, स्वामी तेरे प्यार से॥
गोविंदा हरि गोविंदा, वेंकटरमणा गोविंदा।
संकट हरण कृपानिधान, जय जय श्री गोविंदा॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
भगवान बालाजी की आरती के श्रवण एवं गान से आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और वैकुंठ गति प्राप्त होती है।
विस्तृत सामग्री
शेष शैल निकेतन, वेङ्कटेशाय मंगलम्।
पद्मावती समेताय, श्रीनिवासाय मंगलम्॥
शंख चक्र गदा पद्म, शोभित चतुर्भुजम्।
कौस्तुभ मणि दीप्त कण्ठं, कमलाक्षं नमाम्यहम्॥
आरती श्री बालाजी की, तिरुपति के नाथ की।
जो जन गावै प्रेम से, कृपा होय वैकुंठ की॥
करोड़ों भक्त आवें, शीश नवावें द्वार पे।
पाप ताप सब मिट जावैं, स्वामी तेरे प्यार से॥
गोविंदा हरि गोविंदा, वेंकटरमणा गोविंदा।
संकट हरण कृपानिधान, जय जय श्री गोविंदा॥
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