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श्री विंध्येश्वरी माता की आरती
विंध्याचल धाम में साक्षात विराजित माँ विंध्यवासिनी की पावन आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Goddess Durga नमः ॥
सुन लेहू विनय हमारी, मातु विंध्येश्वरी।
हम आये शरण तिहारी, जगत कल्याणिनी॥
विंध्याचल पर वासा, महिषासुर संहारा।
देव मुनि सब मिलके, जयकारा उच्चारा॥
काली, लक्ष्मी, सरस्वती, तीनों रूप तुम्हारे।
जो जन ध्यान लगावे, कष्ट मिटे सारे॥
आरती माँ विंध्यवासिनी की, जो कोई गावे।
कहत भक्त जन सारे, मनवांछित फल पावे॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
सर्व मनोकामना सिद्धि और शत्रुओं पर विजय हेतु विंध्येश्वरी माता की आरती की जाती है।
विस्तृत सामग्री
सुन लेहू विनय हमारी, मातु विंध्येश्वरी।
हम आये शरण तिहारी, जगत कल्याणिनी॥
विंध्याचल पर वासा, महिषासुर संहारा।
देव मुनि सब मिलके, जयकारा उच्चारा॥
काली, लक्ष्मी, सरस्वती, तीनों रूप तुम्हारे।
जो जन ध्यान लगावे, कष्ट मिटे सारे॥
आरती माँ विंध्यवासिनी की, जो कोई गावे।
कहत भक्त जन सारे, मनवांछित फल पावे॥
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