← आरती पर जाएं
सुखकर्ता दुखहर्ता (गणेश आरती)
समर्थ रामदास स्वामी द्वारा रचित भगवान श्री गणेश की जगप्रसिद्ध पावन आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Lord Ganesha नमः ॥
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा॥
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती...
लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना॥
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती...
ॐ ॐ ॐ
इन-आर्टिकल विज्ञापन
लाभ
समस्त विघ्नों का नाश और प्रत्येक नए कार्य में सिद्धि एवं सफलता मिलती है।
विस्तृत सामग्री
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा॥
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती...
लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना॥
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती...
Comments (0)