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इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
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इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

जीवन के अंतिम समय में भगवत-स्मरण की पावन प्रार्थना का अमर भजन।

गीत / Lyrics

॥ श्री Lord Krishna नमः ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले। गोविन्द नाम लेकर तब प्राण तन से निकले॥ श्री गंगा जी का तट हो, यमुना का वंशीवट हो, मेरा साँवरा निकट हो, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... पीताम्बरी बंधी हो, सर पे मुकुट विराजे, मुरली अधर पे साजे, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... उस वक्त जल्दी आना, नहीं भूल तुमको जाना, राधा को साथ लाना, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... मुख में हो तुलसी दल और गंगा जल की धारा, मन में छवि तुम्हारी, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी...
ॐ ॐ ॐ
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लाभ

मृत्यु के भय से मुक्ति और जीवन में भक्तिपूर्ण वैराग्य की प्राप्ति होती है।

विस्तृत सामग्री

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले। गोविन्द नाम लेकर तब प्राण तन से निकले॥ श्री गंगा जी का तट हो, यमुना का वंशीवट हो, मेरा साँवरा निकट हो, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... पीताम्बरी बंधी हो, सर पे मुकुट विराजे, मुरली अधर पे साजे, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... उस वक्त जल्दी आना, नहीं भूल तुमको जाना, राधा को साथ लाना, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी... मुख में हो तुलसी दल और गंगा जल की धारा, मन में छवि तुम्हारी, जब प्राण तन से निकले॥ इतना तो करना स्वामी...
HINDI Daily Bhajan Lord Krishna 06:10
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