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लक्ष्मी गायत्री मंत्र
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लक्ष्मी गायत्री मंत्र

माँ महालक्ष्मी का वैदिक गायत्री स्वरूप, जो ऐश्वर्य और सद्बुद्धि प्रदान करता है।

गीत / Lyrics

॥ श्री Goddess Lakshmi नमः ॥
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
ॐ ॐ ॐ
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संस्कृत पाठ

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

Transliteration

Om Shreem Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnupatnyai Cha Dheemahi Tanno Lakshmih Prachodayat.

अर्थ

हम भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी को जानते हैं और उनका ध्यान करते हैं। वे देवी लक्ष्मी हमें धन, धर्म और समृद्धि के मार्ग पर प्रेरित करें।

लाभ

सुख-समृद्धि, गृहस्थ जीवन में सौहार्द और दरिद्रता का समूल निवारण।

कैसे जपें

प्रातःकाल अथवा सायं काल स्फटिक माला से 108 बार जप करें।

विस्तृत सामग्री

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
SANSKRIT Morning Mantra Goddess Lakshmi 04:50
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