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माँ गंगा ध्यान व स्तुति मंत्र
पतितपावनी माँ गंगा का पापविनाशक एवं मोक्षदायक पावन ध्यान मंत्र।
गीत / Lyrics
॥ श्री Goddess Ganga नमः ॥
गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम्। त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम्॥ ॐ नमो भगवत्यै कालिन्दिकन्यायै सुरसरिते गंगादेव्यै नमः॥
ॐ ॐ ॐ
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संस्कृत पाठ
गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम्। त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम्॥ ॐ नमो भगवत्यै कालिन्दिकन्यायै सुरसरिते गंगादेव्यै नमः॥
Transliteration
Gaangam Vaari Manohaari Muraari Charanachyutam, Tripuraari Shirashchaari Paapahaari Punaatu Maam.
अर्थ
भगवान श्रीकृष्ण (मुरारि) के चरणों से निकली, भगवान शिव (त्रिपुरारि) के शीश पर विराजने वाली, समस्त पापों को हरने वाली माँ गंगा का पावन जल मुझे पवित्र करे।
लाभ
जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय, मानसिक निर्मलता और मोक्ष प्राप्ति।
कैसे जपें
गंगा स्नान या घर में स्नान के समय श्रद्धापूर्वक 7 बार पाठ करें।
विस्तृत सामग्री
गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम्। त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम्॥ ॐ नमो भगवत्यै कालिन्दिकन्यायै सुरसरिते गंगादेव्यै नमः॥
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