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माँ शीतला आरोग्य मंत्र
संक्रामक रोगों से रक्षा करने वाली माँ शीतला का प्राचीन ध्यान श्लोक।
गीत / Lyrics
॥ श्री Goddess Sheetla Mata नमः ॥
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥
ॐ ॐ ॐ
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संस्कृत पाठ
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥
Transliteration
Vande-ham Sheetalaam Deveem Raasabhasthaam Digambaraam, Maarjaneekalashopetaam Shoorpaalankrita Mastakaam.
अर्थ
गर्दभ पर विराजमान, झाड़ू और कलश धारण करने वाली तथा सूप से सुशोभित मस्तक वाली माँ शीतला देवी की मैं वंदना करता हूँ।
लाभ
ज्वर, चेचक, चर्मरोग और संक्रामक व्याधियों से रक्षा होती है।
कैसे जपें
शीतलाष्टमी को अथवा नित्य प्रातः स्नान के उपरांत 11 बार पाठ करें।
विस्तृत सामग्री
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥
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