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दीप ज्योति मंत्र
दीपक प्रज्वलन के समय बोला जाने वाला प्रकाश और आरोग्य का दिव्य मंत्र।
गीत / Lyrics
॥ श्री Goddess Lakshmi नमः ॥
शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदः। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥ दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
ॐ ॐ ॐ
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संस्कृत पाठ
शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदः। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥ दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
Transliteration
Shubham Karoti Kalyaanam Aarogyam Dhanasampadah, Shatrubuddhi Vinaashaaya Deepajyotir Namo-stu Te. Deepo Jyotih Param Brahma Deepo Jyotir Janaardanah, Deepo Haratu Me Paapam Deepajyotir Namo-stu Te.
अर्थ
शुभ, कल्याण, आरोग्य और धन-सम्पदा प्रदान करने वाली तथा शत्रु बुद्धि का नाश करने वाली हे दीपक की ज्योति, आपको नमस्कार है। दीपक की ज्योति ही परब्रह्म और जनार्दन है, जो हमारे पापों को हरती है।
लाभ
घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, आरोग्य और सुख-समृद्धि का वास होता है।
कैसे जपें
संध्या काल या पूजा में दीपक प्रज्वलित करते समय 1 या 3 बार उच्चारण करें।
विस्तृत सामग्री
शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदः। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥ दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
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