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श्री अन्नपूर्णा माता की आरती
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श्री अन्नपूर्णा माता की आरती

समस्त जीवों का पोषण करने वाली काशी की अधिष्ठात्री माँ अन्नपूर्णा की पावन आरती।

गीत / Lyrics

॥ श्री Goddess Durga नमः ॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम। जो जन तुमको ध्यावे, पूरन हो सब काम॥ बारम्बार प्रणाम॥ काशी की महारानी, भिक्षा शिव को दीन्ही। अन्न धन की दात्री, जग की चिंता छीनी॥ बारम्बार प्रणाम॥ स्वर्ण कलश कर शोभित, कर दर्वी कल्याणी। सकल सृष्टि को पोषति, अन्नपूर्णा महारानी॥ बारम्बार प्रणाम॥ जिस घर तेरी पूजा, तहां न दारिद्र्य आवे। अन्न भंडार भरें सब, सुख संपति नित पावे॥ बारम्बार प्रणाम॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ

घर में अन्न, धन और पोषण की कभी कमी न हो, इसके लिए माँ अन्नपूर्णा की आरती की जाती है।

विस्तृत सामग्री

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम। जो जन तुमको ध्यावे, पूरन हो सब काम॥ बारम्बार प्रणाम॥ काशी की महारानी, भिक्षा शिव को दीन्ही। अन्न धन की दात्री, जग की चिंता छीनी॥ बारम्बार प्रणाम॥ स्वर्ण कलश कर शोभित, कर दर्वी कल्याणी। सकल सृष्टि को पोषति, अन्नपूर्णा महारानी॥ बारम्बार प्रणाम॥ जिस घर तेरी पूजा, तहां न दारिद्र्य आवे। अन्न भंडार भरें सब, सुख संपति नित पावे॥ बारम्बार प्रणाम॥
HINDI Morning Aarti Goddess Durga 04:40
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