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श्री चित्रगुप्त भगवान की आरती
कायस्थ कुलदेव एवं कर्मों के लेखाकार भगवान चित्रगुप्त की पावन आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Lord Brahma नमः ॥
जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा।
सत्य धर्म के लेखाकार, सुर मुनि करें सेवा॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
कलम दवात हाथ विराजत, ज्ञान पुंज स्वामी।
ब्रह्मा के काया से प्रगटे, प्रभु तुम अन्तर्यामी॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
पाप पुण्य का लेखा रखते, न्याय प्रिय धर्मा।
जो जन शरण में आवे, सुधरें सब कर्मा॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
यम द्वितीया को जो पूजें, कलम पूजा कीन्ही।
सकल मनोरथ सिद्ध भये, विद्या बुद्धि दीन्ही॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
न्याय, बुद्धि, विद्या और कर्म दोषों से मुक्ति हेतु भाई दूज/चित्रगुप्त जयंती पर विशेष।
विस्तृत सामग्री
जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा।
सत्य धर्म के लेखाकार, सुर मुनि करें सेवा॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
कलम दवात हाथ विराजत, ज्ञान पुंज स्वामी।
ब्रह्मा के काया से प्रगटे, प्रभु तुम अन्तर्यामी॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
पाप पुण्य का लेखा रखते, न्याय प्रिय धर्मा।
जो जन शरण में आवे, सुधरें सब कर्मा॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
यम द्वितीया को जो पूजें, कलम पूजा कीन्ही।
सकल मनोरथ सिद्ध भये, विद्या बुद्धि दीन्ही॥ जय चित्रगुप्त देवा॥
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